गरियाबंद। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक महिला गार्ड द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस दौरान डॉक्टर और नर्स दोनों मौजूद थे, लेकिन उन्होंने गार्ड को रोकने के बजाय इसे “सामान्य प्रैक्टिस” बता दिया।
कैसे खुला मामला?
वार्ड नंबर 8 के पूर्व पार्षद योगेश बघेल अपने भतीजे का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक महिला गार्ड मरीज को इंजेक्शन लगा रही है।
जब उन्होंने आपत्ति जताई तो मौजूद डॉक्टर और नर्स ने कहा – “गार्ड अक्सर ऐसा कर लेती है, यह सामान्य है।”
इस पर आक्रोशित बघेल ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो तेजी से वायरल हो गया।
कलेक्टर ने लिया सख्त संज्ञान
वीडियो सामने आते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे।
कलेक्टर बी.एस. उईके ने मामले की गंभीरता देखते हुए:
- सीएमएचओ और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
- स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन का बयान
सिविल सर्जन डॉ. यशवंत ध्रुव ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिल चुकी है।
- जिन डॉक्टर और नर्स की मौजूदगी में यह लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ भी शो-कॉज नोटिस जारी होगा।
- जांच के बाद जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खड़े करती है –
- क्या मरीजों की जिंदगी इतनी असुरक्षित हो गई है कि गार्ड तक इंजेक्शन लगाने लगे?
- क्या अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और क्वालिटी कंट्रोल पर ध्यान देना छोड़ दिया है?
- और सबसे अहम सवाल – जिम्मेदारों पर आखिर कब होगी सख्त कार्रवाई?